मीडिया को और अधिक सक्रिय होना चाहिए.

(google.com, pub-1156871373620726, DIRECT, f08c47fec0942fa0)        हमारे दैनिक जीवन में अक्सर  अनेक प्रकार की दुर्घटनाओं की जानकारी मिलती रहती है, जिनमे सड़क हादसे, पुल गिरने के हादसे, रेल हादसे, आगजनी की घटनाएँ इत्यादि. अक्सर जब भी हम दुर्घटना की खबर समाचर पत्रों या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा प्राप्त करते हैं, तो उनमे बताया जाता है, … More मीडिया को और अधिक सक्रिय होना चाहिए.

मोदी जी का ही समर्थन क्यों किया जाय ?

       आज मोदी जी के विरुद्ध विपक्षी दलों की पूरी लौबी पड़ चुकी है और मनगढ़ंत बैटन से जनता को भ्रमित करने के लिए भरसक प्रयास में लगे हैं क्योंकि उन्हें सत्ता चाहिए उन्हें जनता और देश हित से कोई मतलब नहीं है.आज हमारे देश की जनता में बहुत लोग विद्यमान हैं जिनके … More मोदी जी का ही समर्थन क्यों किया जाय ?

हमारे देश की दोष पूर्ण चुनाव प्रणाली

        हमारे देश में चुनाव प्रणाली मूलतः दोष पूर्ण है जो बहुमत के सिद्धांत का पालन नहीं करती. कहा यह जाता है की हमारे देश में जनता का शासन है, और जनता बहुमत से अपने प्रतिनिधि को चुनकर सदन में भेजती है और चुने हुए प्रतिनिधि देश के लिए सरकार का गठन … More हमारे देश की दोष पूर्ण चुनाव प्रणाली

पेंशनर्स को चाहिए इनकम टैक्स में राहत

प्रस्तुत विषय को समझने के लिए पेंशनर्स के संगठन(Pensioners welfare Association Allahabad)  द्वारा जारी निम्न आवेदन पत्र  की जानकारी प्राप्त करना आवश्यक है NO INCOME TAX FOR PENSIONERS!!!!  All retiree members please initiate a movement – every retired person after rendering  30 to 36 years of service to the Govt or the Deptt where he worked  and for … More पेंशनर्स को चाहिए इनकम टैक्स में राहत

हिन्दी पत्रकारिता दिवस (30मई )

  स्वस्थ्य लोकतंत्र को मुख्य चार स्तंभों पर निर्भर माना  जाता है उनमे प्रेस या इलेक्ट्रोनिक मीडिया भी एक स्तम्भ होता है।अतः मीडिया की बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी देश के प्रति और देश की जनता के प्रति होती है।देश में लोकतंत्र को जिन्दा रखने और जनता के अधिकारों की रक्षा करने की ,लोकतंत्र के शेष सभी … More हिन्दी पत्रकारिता दिवस (30मई )

ये पैसा बोलता है।

        जैसा कि उक्त पंक्ति से बिल्कुल साफ है कि वर्तमान युग पूर्ण रूप से रुपयों पैसों पर आश्रित एक युग हो गया है। वर्तमान की तुलना में पहले के समय में रुपए-पैसे के साथ-साथ इंसानियत को भी महत्वता दी जाती थी। किंतु वर्तमान समय में मात्र एक मात्र रुपए को ही … More ये पैसा बोलता है।