प्रचंड बहुमत के साथ मोदी जी की जीत जनता की जीत है


        2019 के लोकसभा के चुनावो में मोदी जे के नेतृत्व में प्रचंड जीत असत्य पर सत्य की जीत है, लोकतंत्र की जीत है, जनता के विश्वास की जीत है, और मोदी जी के  अथक परिश्रम, समाज के प्रति उनका समर्पण भाव, उनकी देश भक्ति, और उनकी अद्भुत निर्णय क्षमता का परिणाम है.

     जिस प्रकार से गत सात दशकों से विभिन्न दलों की सरकारों के नेताओं ने जनता को भ्रमित कर अपने बेंक बैलेंस बढ़ाते जाने के अक्तिरिक्त कुछ नहीं किया. परिणाम  स्वरूप देश में अराजकता का वातावरण उत्पन्न हो गया था. जनता भ्रष्टाचार के चंगुल में बुरी तरह से फंस चुकी थी. आम आदमी की धारणा बन चुकी थी की बिना भ्रष्टाचार के सरकारी कार्य करा लेने की कल्पना करना ही व्यर्थ है. आम आदमी को भी सुविधा शुल्क देकर आसानी से काम करा लेना कोई असंगत नहीं लगता था. उसे वह अपनी नियति मान कर अपनाता जा रहा था. ठीक उसी प्रकार जैसे हजारों वर्ष देश को गुलामी में बिता लेने के पश्चात् आम भारतीय आजादी के  अर्थ से अनभिज्ञ हो गया था. वह वर्तमान गुलामी को ही अपने भाग्य से जोड़ कर जीता था और मर जाता था. जो व्यक्ति अर्थात स्वतंत्रता सेनानी आजादी की बातें करता था, उसे आम जनता सिरफिरा समझकर उपेक्षित करती थी. उसे निरुत्साहित करती थी. परन्तु इन्ही आजादी के दीवानों के कारण देश को आजादी मिल सकी. इसी प्रकार आजादी के पश्चात्  सभी लोगों ने भर्ष्टाचार, अनाचार, अव्यवस्था को जाने अनजाने में अपना लिया था. यदि कोई  भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ने की बात करता था, तो उसे अव्यवहारिक और असम्भव  मान कर नकार दिया जाता था. परन्तु मोदी जी ने अपने प्रयासों से जनता के दिलों में आशा की किरण उत्पन्न की है कि हमारा देश भी भ्रष्टाचार मुक्त हो सकता है. देश से बेईमानी, अनाचार, भर्ष्टाचार और अपराध को पूर्णतया न सही काफी हद तक कम तो किया ही जा सकता है.

    पहले अंग्रेज आम भारतीय और देश को लूटते थे आजादी के पश्चात् देसी (नेता)अंग्रेज जनता का शोषण करने लगे. विकास के नाम पर सिर्फ कागजी खाना पूर्ती होती थी और नेता लोग सरकारी खजाने में सेंध लगाते रहते थे. सरकारी मशीनरी को अपने स्वार्थ सिद्ध करने के लिए पूरी तरह से भ्रष्ट बना दिया. क्योंकि सरकारी कर्मी का कोई कार्य जैसे स्थान्तरण हो या प्रमोशन या कोई अन्य कार्य नेताओं को घूस दिए बिना नहीं होता था. मजबूरन नेताओं को खुश करने के लिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को रिश्वत लेने के लिए मजबूर होना पड़ता था, कालांतर में यही मजबूरी उनके खून में रच बस गयी. उनकी आदत बन गयी बिना रिश्वत लिए जनता का कोई कार्य कर नहीं सकते.

      2014 में मोदी जी के नेतृत्व में भा.ज.पा सरकार ने पहली बार देश को भ्रष्टाचार के दल दल से निकालने के प्रयास प्रारम्भ किये, जिसमे उन्हें काफी हद तक सफलता भी मिली.परन्तु अभी भी बहुत कुछ सफाई होना बाकी है.निचले स्तर पर भ्रष्टाचार पूर्व की भांति जारी है. अभी भी बहुत से महत्वपूर्ण कार्य करने बाकी  रह गए हैं. अधूरे रह गए कार्यों को पूरा करने के लिए मोदीजी को जनता का भरपूर समर्थन मिला. यह देश का सौभाग्य है,यह जनता के हितों के लिए आवश्यक था. जनता ने अपनी समझदारी दिखाते हुए सही सरकार चुनने में सफलता पाई, जिससे देश को उचित दिशा और दशा मिलेगी. देश को विश्व में अग्रणी स्थान बनाने का अवसर मिलेगा. देश की जनता को सुख शांति और समृद्धि के साथ जीने का अवसर मिलेगा.imageedit_12_5101164750

    मोदी सरकार से देश की जनता को बहुत सारी उम्मीदें हैं. और मोदी सरकार के रहते जनता की सभी उम्मीदें पूर्ण होंगी. परन्तु कुछ कार्य इतने आवश्यक है जिन्हें प्राथमिकता देनी होगी अर्थात इन कार्यों को अपनी लिस्ट में सबसे ऊपर रखना होगा.

1,सर्व प्रथम देश में  बेतहाशा बढ़ रही आबादी को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कानून लाना होगा. जिसके बिना विकास कार्यों पर की गयी सारी  मेहनत व्यर्थ हो जाएगी. यद्यपि यह कार्य बहुत पहले हो जाना चाहिए था परन्तु नेताओं के राजनैतिक स्वार्थ ने इस कार्य को नहीं होने दिया. अब मोदी सरकार से उम्मीद की जा सकती है वे इस मुद्दे पर प्राथमिकता के साथ कार्य करेंगे.

2,यूनिफार्म सिविल कोड लाना भी बेहद आवश्यक है जिससे देश में जातिवाद ख़त्म हो सके और धर्म निरपेक्षता को बल मिले. देश के प्रत्येक नागरिक को भारतीय मान कर उससे व्यव्हार हो. न की जाति विशेष या धर्म विशेष के लिए कोई सरकारी योजना बने. सभी देश वासियों को समान अधिकार प्राप्त हों, सबको उन्नति करने के लिए समान अवसर प्राप्त हों.

3,मुस्लिमों में व्याप्त तीन तलाक व्यवस्था को ख़त्म किया जाय. ताकि देश के प्रत्येक नागरिक को  बिना लिंग भेद के अपनी मर्जी से जीने की आजादी मिले. महिला के अधिकारों को संरक्षण प्राप्त हो सके.

4,कश्मीर की मूल समस्या धारा 370,और 35A में निहित है उसे तुरंत समाप्त किया जाय.कश्मीर की सभी समस्याएं स्वयं ही समाप्त हो जाएँगी. और कश्मीर को आतंकवादी गतिविधियों से मुक्ति मिलेगी और जनता शांति पूर्वक रह सकेगी.

5,यह कानून भी प्रथमिकता से बनाया जाय, जिसके अंतर्गत कोई भी व्यक्ति या पार्टी, देश के प्रधान मंत्री के विरुद्ध अपशब्दों का प्रयोग न कर सके. प्रधान मंत्री किसी पार्टी विशेष का नेता नहीं होता वह पूरे देश का प्रधान मंत्री होता है उसका अपमान पूरे देश का अपमान है.

6,देश में अपराधों पर नियंत्रण के लिए त्वरित न्याय की व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है,अतः अदालतों में पेंडिंग पड़े केसों का तुरंत निपटारा हो.और भविष्य में यह सुनिश्चित किया जाय की कोई भी वाद विवाद अपने अंतिम परिणाम तक पहुँचने में पांच वर्ष से अधिक न ले पाए. इस कार्य के लिए न्यायाधीशों की अतिरिक्त नियुक्ति से लेकर न्याय प्रक्रिया में आवश्यक संशोधन किये जाएँ.

7,कानून में स्पष्टता लानी होगी ताकि सरकारी अधिकारी को अपने  विवेक के अनुसार निर्णय करने  के न्यूनतम अवसर मिले.जिससे भर्ष्टाचार के अवसर घट सकेंगे. प्रत्येक अपराध का विश्लेषण स्पष्ट हो और उसके अनुसार दंड निश्चित हों जिससे अधिकारी का दखल कम से कम हो सके.

     यदि उपरोक्त कार्यों को प्राथमिकता के तौर पर पूर्ण कर दिया जाता है, तो जनता को तुरंत राहत का अनुभव होगा, शेष कार्य तो क्रमवार सरकार द्वारा किये ही जायंगे.

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