खाद्य पदार्थों की बिक्री पर नियंत्रण आवश्यक


  सभी खाद्य पदार्थों विशेष कर फ़ास्ट फ़ूड एवं तैयार भोज्य पदार्थों की बिक्री पर नियंत्रण किया जाना बहुत आवश्यक है. हम अक्सर गली मुहल्लों में अनेक प्रकार के खाद्य पदार्थों को बिकते हुए देखते हैं. आम उपभोक्ता सिर्फ तैयार वस्तु के स्वाद पर ध्यान देता है, उसे इस बात से कोई मतलब नहीं होता की अमुख वस्तु को किस प्रकार बनाया गया है. उसमे किन किन अवयवों का उपयोग किया गया है, बनाते समय साफ़ सफाई,हाइजीन का ध्यान रखा गया है या नहीं. क्योंकि हाइजीन एवं साफ़ स्वच्छता के अभाव में खाद्य पदार्थों का उपभोग करने पर हमें स्वास्थ्य की हानि उठानी पड़ती है. हो सकता है उस वस्तु को खाने से तुरन्त हमारे स्वास्थ्य पर कोई असर न दिखाई दे, परन्तु ऐसी वस्तुओं का निरंतर उपयोग करते रहने से हमें अनेक गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है. समय समय पर डॉक्टर समाज को चेतावनी देते रहते हैं की हमें कौन सी वस्तुओं के उपयोग से बचना चाहिए, परन्तु आम तौर पर हम लोग डॉक्टर की बातों को नजरअंदाज करते है. हमें सिर्फ स्वाद देख कर वस्तु की परख करते हैं और उनका उपभोग करते हैं. जबकि खाद्य पदार्थों के घटकों की गुणवत्ता एवं उन्हें तैयार करते समय शुद्धता और सफाई का ध्यान दिया जाना अत्यंत आवश्यक है.

  आज कल तो ऑनलाइन खाने का ऑर्डर देना और भोज्य पदार्थ मंगाना आम प्रचलन में होता जा रहा है. जहाँ प्राथमिक तौर पर सिर्फ वस्तु का मूल्य या कैशबैक पर ध्यान दिया जाता है. स्वाद तो खाने के पश्चात् ही पता चलता है. ऑनलाइन ऑर्डर देने वाले ग्राहक को पता नहीं होता की वस्तु का निर्माण किसने किया है और किन परिस्थितियों में किया है. उनमे कौन से घटक प्रयोग किये गए हैं. इसी प्रकार से घर घर टिफ़िन सेवा खुलती जा रही हैं, जिनके बारे में उपभोक्ता को कुछ पता  नहीं होता बनाने वाला स्वास्थ्य के दृष्टि से खाना बनाने में कितना जानकार है. कारण साफ़ है किसी भी खाद्य पदार्थों के निर्माण और बिक्री के लिए किसी प्रकार से शासन से अनुमति लेना या पंजीयन कराना आवश्यक नहीं होता, ताकि खाद्य पदार्थों के निर्माण और बिक्री के लिए कानूनों का पालन किया जा सके.और स्वास्थ्य का साथ खिलवाड़ करने वालों पर कोई कार्यवाही की जा सके और वस्तु की गुणवत्ता की गारंटी हो सके.

   अक्सर देखने में आता है आम उपभोक्ता भी जागरूक नहीं है, उसे नाले के करीब या टॉयलेट के नजदीक बन रहे खाद्य पदार्थों का उपभोग करने या खरीदने में कोई परहेज नहीं होता. यदि आम उपभोक्ता खाने पीने की वस्तुओं को खरीदते समय निर्माण स्थल स्वच्छता  की ओर ध्यान रखे तो ऐसे स्थानों पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों को बनाने वाले  स्वयं  गायब हो जायंगे.

खाद्य पदार्थों को निर्माण करते समय क्या क्या  सावधानी आवश्यक है;

1.भोज्य पदार्थों के घटक शाक सब्जी या फलों की गुणवत्ता की परख की जाय.उत्तम गुणवत्ता के घटक प्रयोग में लाये गए हों.

2,शाक सब्जी या फल काटते समय उनको अच्छे से धोना,सड़ा गला हिस्सा अलग करना आवश्यक हो.

3,खाद्य पदार्थों को तैयार करने वाले कारीगर का स्वास्थ्य कैसा है, उसे कोई गंभीर या संक्रामक बीमारी तो नहीं है? 

4,खाद्य पदार्थ तैयार करने वाला उन्हें तैयार करते समय हाथ अच्छे से साफ़ करता है या ग्लव प्रयोग में लाता है क्या? और हाइजीन का ध्यान रखता है.

5,रसोई साफ़ सुथरी एवं प्रदूषण रहित वातावरण में है या नहीं?

6,खाद्य पदार्थों के प्रयोग किये जा रहे अवयव(घटक) एवं घी, तेल, मिर्च, मसाले शुद्ध एवं मिलावट रहित हैं? वस्तु को स्वादिष्ट व आकर्षक बनाने के लिए हानिकारक केमिकल का प्रयोग तो नहीं किया जा रहा?

7,तैयार किये जा रहे खाद्य पदार्थ मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तो नहीं है? उसमे उपयोग किये जाने वाले अवयव स्वास्थ्य की दृष्टि से सही हैं?

8,खाद्य पदार्थों में अंतराष्ट्रीय स्तर पर वर्जित अवयवो का प्रयोग तो नहीं किया जा रहा जैसे रिफाइंड आयल, मैदा, साधारण नमक, केमिकल,मात्र स्वाद बढ़ाने के लिए उपयोग किये जाने वाले पदार्थ   इत्यादि.

9,खाद्य पदार्थ बनाते समय शुद्ध पानी  का प्रयोग किया गया है या नहीं.

10,रसोई के सभी बर्तन नियमित तौर पर साफ शुद्ध किये जाते हैं या नहीं. ताकि संक्रमण से कोई बीमार न पड़े और स्वास्थ्य भी बना रहे.

    किसी भी भोजनालय या खाद्य पदार्थों के निर्माता या बिक्रेता के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय या F.S.S.A.I. के अंतर्गत पंजीयन कराना आवश्यक होना चाहिए,ताकि उनके निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके. अभी सिर्फ मुख्य रूप से हलवाईयों, होटलों या रेस्टोरेंट पर सेनेटरी विभाग का नाम मात्र का नियंत्रण होता है. किसी भी प्रकार से खाद्य पदार्थों में अनुचित घटकों के प्रयोग करने वाले भ्रष्टाचार के सहारे अपने क्रियाकलापों में संलग्न रहते हैं. और जनता के स्वास्थ्य एवं जेब से खिलवाड़ करते रहते हैं. छोटे खोमचे वाले,ठेले  पर कोई अंकुश है ही नहीं. सेनेटरी अधिकारियों,स्वास्थ्य अधिकारियों पर भी कठोर नियंत्रण किया जाना चाहिए,यदि उनके क्षेत्र में स्वास्थ्य नियमों का उल्लंघन पाया जाय तो जिम्मेदार अधिकारी को तुरंत बर्खास्त कर दिया जाय.(SA-245B)    


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