होली का त्यौहार शालीनता से मनाएं


      होली का त्यौहार आपसी मेलजोल का त्यौहार है. इस अवसर पर ऊँच-नीच, गरीब-अमीर,दोस्ती और दुश्मनी को भूल कर सबसे गले मिल कर होली का आनंद लिया जाता है.कोई भी किसी पर भी रंग लगा कर  अपनापन दिखाता है.यही इस त्यौहार की खूबी है बड़े से बड़ा आदमी भी रगों में सराबोर होकर अपनी पहचान खो देता है और मस्त हो जाता है. अपने  काम धंधो से अवकाश प्राप्त कर, मोहल्ले या गाँव के सभी लोग एकत्र होकर सब एक दूसरे से गले मिलते है,आपस में रंग लगाते हैं, खाते पीते हैं और मनोरंजन करते हैं. सब बच्चे एकत्र होकर रंगों के मजा लेते हैं. महिलाएं अपनी मंडली में हंसी ठिठोली करते हुए मस्त हो जाती हैं. कुछ लोग शराब या भंग का नशा कर खुश होना पसंद करते हैं तो कुछ लोग विशेष कर आज का युवा वर्ग रंगों के दूरगामी प्रभावों को समझते हुए होली के त्यौहार से दूरी बनाये रखना पसंद करता है. क्योंकि उन्हें लगता है की रंगों से खेलने से उन्हें त्वचा सम्बंधित समस्याएं हो सकती हैं. आज का युवा इन परंपरागत त्यौहारों में कम ही रूचि लेता है.क्योंकि उनके लिए आज यदि जेब मजबूत है तो बाजार में इतनी सुविधाएँ मिल जाती हैं जिससे  हर दिन त्यौहार मनाया जा सकता है. जो पहले संभव नहीं था.त्यौहार के अवसर पर ही अनेक प्रकार के पकवान उपलब्ध हो पाते थे. यही कारण है आज इस त्यौहार पर वह उत्साह नहीं दिखाई देता जो आज से तीन दशक पूर्व दिखाई देता था.

     इस त्यौहार को यादगार कैसे बना सकते हैं,इसको कलंकित होने से कैसे बचा सकते हैं. इसके लिए कुछ निम्न लिखित बातों का ध्यान रखना होगा.

1,पानी के रंगों से यथा संभव दूरी बनाये रखें ताकि पानी की बर्बादी से बचा जा सके और रंगों को छुड़ाने में लगने वाले समय से बचा जा सके.साथ ही रंगों में  मिले खतरनाक केमिकल के प्रभाव से बचा जा सके. यदि संभव हो तो विश्वसनीय गुलाल का प्रयोग करते हुए होली खेलें और आपसी सौहार्द निभाएं.

2.त्यौहार के शुभ अवसर को नशे में न डुबोएं,यह आपके जीवन के लिए और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. अतः ख़ुशी के त्यौहार पर आगे आने वाले जीवन को कलंकित नहीं किया जा सकता.

3,त्यौहार के अवसर का लाभ उठाते हुए कुछ व्यापारी नकली मावा या अन्य  नकली और मिलावटी सामान बेचते हैं, अतः उसने सावधान रहने की आवश्यकता है, कही आपके स्वास्थ्य पर कोई दुष्प्रभाव न पड़ जाए. विश्वसनीय बिक्रेताओं से ही होली सम्बंधित सामान और खाद्य पदार्थ खरीदें.

4,यद्यपि होली का त्यौहार आपसी रंजिश ख़त्म करने का त्यौहार है,परन्तु संदेहास्पद लोगों से सावधान भी रहना आवश्यक है,कहीं कोई रंग में भंग न कर दे.

5,होलिका दहन पर पर्यावरण की  रक्षा के लिए लकड़ी का कम से कम प्रयोग करें,अच्छा हो यदि पूरे मोहल्ले में मात्र एक होलिका रख कर सब एकत्र हों और होलिका दहन की रस्म निभाएं और लकड़ी को बचाएं. पेड़ों को काटने से बचाएं. अपने भावी जीवन को सुरक्षित करें.

6,दुकानदार भाईयों  से निवेदन ही की वे चीन में निर्मित किसी भी सामान (पिचकारी,गुब्बारे एवं केमिकल से बने रंग इत्यादि ) को बेचने से बचें ताकि समाज को कोरोना वायरस से बचाने में आपका भी सहयोग प्राप्त हो सके.

7,सड़क पर हुडदंग करने वालों को यह भी समझना चाहिए अपने अव्यावहारिक हरकत से आपको स्वयं भी आहत हो सकते हैं.

8.अपने समाज के बुजुर्गों एवं बच्चों का विशेष ख्याल रखें,उनकी बिना मर्जी के उन पर रंग न डालें.

9,करोना के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए इस बार यदि आपस में गले मिलने से दूरी बना लें तो आपके स्वास्थ्य के लिए एक बचाव सिद्ध हो सकता है.

यदि उपरोक्त सावधानियों को ध्यान में रखा जाए तो त्यौहार के इस पावन अवसर पर किसी अप्रिय घटना से बचा जा सकता है.         


One thought on “होली का त्यौहार शालीनता से मनाएं

  1. मधुसूदन जी,यदि आप चाहें तो आप भी इस साईट पर अपने लेख प्रकाशित कर सकते हैं.यदि डायरेक्ट ण डाल पायें तो मुझे मेल कर सकते हैं.——– satyasheel129@gmail.com पर

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