सुखमय वृद्धावस्था के लिये कुछ महत्वपूर्ण सुझाव  

 अपने स्वयं के स्थायी स्थान पर रहें ताकि स्वतंत्र जीवन जीने का आनंद ले सकें। अपना बैंक बेलेंस और भौतिक संपत्ति अपने पास रखें, अति प्रेम में पड़कर किसी के नाम करने की ना सोचें। अपने बच्चों के इस वादे पर निर्भर ना रहें कि वो वृद्धावस्था में आपकी सेवा करेंगे, क्योंकि समय बदलने के … More   सुखमय वृद्धावस्था के लिये कुछ महत्वपूर्ण सुझाव  

वृद्धावस्था में एकाकीपन 

        यह  तो कटु सत्य  है  की  प्रत्येक  इन्सान  को  मौत  आनी  है ,परन्तु  यह  भी  सत्य  है  ऐसा  कोई  निश्चित  नहीं  है  की  पति और  पत्नी  एक  साथ  दुनिया  से  विदा  लें, अर्थात  दोनों  की  मृत्यु  एक  समय  पर  हो. किसी  एक  को  पहले  जाना  होता  है . दाम्पत्य  जीवन  में  अकेला  रहने  … More वृद्धावस्था में एकाकीपन 

​​अहंकार (अहम् ) वृद्धावस्था का अभिशाप

          अहम् अर्थात अहंकार या कहें आत्म स्वाभिमान , किसी भी प्रकार से हो सकता है .संसार में प्रत्येक व्यक्ति में अहम् भाव का होना एक स्वाभाविक प्रवृति है .यहाँ तक की भिखारी भी अपने बच्चों एवं पत्नी से व्यव्हार करते समय अपने अहम् भाव को प्रकट करता है .क्योंकि उसमें अहम् होता है एक … More ​​अहंकार (अहम् ) वृद्धावस्था का अभिशाप