असत्य पर सत्य की विजय का पर्व दशहरा

लेखक एवं प्रेषक – प्रदीप कुमार सिंह                 दशहरा हमारे देश का एक प्रमुख त्योहार है। मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम ने इसी दिन रावण का वध किया था। इसे असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है। इसीलिये दशमी को विजयादशमी के नाम से जाना जाता है। इस दिन जगह-जगह मेले लगते … More असत्य पर सत्य की विजय का पर्व दशहरा

कुछ विचारणीय विषय

 कलाकारों की फीस जनता के साथ अन्याय समाचार पत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बड़े बड़े एक्टर, टीवी. चैनल  पर एक एपिसोड में अपना किरदार निभाने के करोड़ों रूपए अपने पारिश्रमिक के रूप में वसूलते हैं. इसी प्रकार विज्ञापन के लिए भी लाखों में फीस वसूल करते है. जबकि एक उद्योगपति के लिए अरबों रूपए … More कुछ विचारणीय विषय

पूजा की आवश्यकता क्यों ?

       इस लेख का  मकसद किसी की धार्मिक आस्था को ठेस पहुचाना नहीं है. यह तो सिर्फ एक विचार मंथन है ,इसको निष्पक्ष होकर ही पढ़ा जाना चाहिए. वर्तमान युग में ईश्वर के अस्तित्व पर उठते प्रश्नों को यदि दर किनार कर दिया जाय और इस संसार को किसी अज्ञात, अदृश्य शक्ति की … More पूजा की आवश्यकता क्यों ?

सृष्टि का आरंभ दिवस भारतीय नववर्ष

       हमारी भारतीय संस्कृति के अनुसार प्रत्येक चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रथम तिथि को ‘नवसंवत्सर’ अर्थात् नववर्ष का शुभारंभ माना जाता है। इस दिन के अनेक धार्मिक, सांस्कृतिक व ऐतिहासिक महत्व है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन ब्रह्माजी ने सृष्टि का निर्माण किया था और मानव सभ्यता की शुरुआत हुई … More सृष्टि का आरंभ दिवस भारतीय नववर्ष

क्या है इंसानियत का धर्म

               {सभी धर्मों का सार है ‘इंसानियत’। दूसरे अर्थों में सभी धर्मों का मूल उद्देश्य है मानव को अपने समाज में, दुनिया में कष्टहीन एवं शांतिपूर्ण जीवन जीने का वातावरण प्रदान करना। सभी धर्मों का उद्भव मानव कल्याण के लिए हुआ है। किसी भी धर्म का पालन करने का तात्पर्य है अपने व्यवहार … More क्या है इंसानियत का धर्म