आरक्षण बना गले की हड्डी

{ हमेशा चलने वाली आरक्षण व्यवस्था आरक्षित वर्ग को बैसाखी के सहारे की आदत बन जाती है, उसे धूप से बचने के लिए हमेशा छाता चाहिए. अतः उसे कभी भी स्वस्थ्य प्रतिद्वंद्विता का स्वाद चखने को नहीं मिलेगा और उसके विकास का रास्ता हमेशा के लिए समाप्त हो जायेगा. उस वर्ग में कभी विद्वान् नहीं … More आरक्षण बना गले की हड्डी

गैर जिम्मेदार मीडिया ने किया बंटाधार

       आर्थिक उदारीकरण से पूर्व देश में सिर्फ सरकारी चैनल ही प्रसारण किया करते थे. ये चैनल जनता को वही सब कुछ प्रस्तुत करते थे, जो सत्तारूढ़ नेता जनता के समक्ष पेश करने को आदेशित करते थे. अतः टी.वी. चैनल सरकारी भोंपू के नाम से जाने जाते थे. जनता को एक तरफ़ा समाचार(सरकार द्वारा प्रायोजित) … More गैर जिम्मेदार मीडिया ने किया बंटाधार

भारतीय राजनीति का अपराधीकरण

        आज विश्व भर में मानव मात्र के कल्याण के लिए किसी भी देश की शासन व्यवस्था के लिए लोकतान्त्रिक सरकार(जनता द्वारा चुनी हुई सरकार) का  गठन सर्वोत्तम शासन प्रणाली माना जाता है. परंपरागत राजशाही अथवा तानशाही के राज को नकार दिया गया है. जनता द्वारा चुनी सरकार को ही समय का … More भारतीय राजनीति का अपराधीकरण

छद्म धर्मनिरपेक्षता की राजनीति

      विदेशी दासता से निजात मिलने के पश्चात् देश को एक धर्म निरपेक्ष गणतंत्र राष्ट्र घोषित किया गया.जिसका तात्पर्य था,सभी धर्म के अनुयायी इस देश के नागरिक होंगे,उन्हें सत्ता में भागीदारी का अधिकार होगा,प्रत्येक धर्म को फलने फूलने की सम्पूर्ण आजादी मिलेगी,सभी को अपने विश्वास के अनुसार अपने इष्टदेव की पूजा आराधना करने एवं अन्य … More छद्म धर्मनिरपेक्षता की राजनीति